Tuesday, 25 April 2017

अवैध निर्माण करने वालों का बढ़ता दु:साहस|

आज कल अवैध निर्माण करने वालों का साहस इतना बढ़ गया है कि ना तो उन्हें जे.डी.ए. का डर लगता है और ना ही अदालती आदेशों से खौफ बैठता है|श्री श्याम विद्यापीठ स्कूल,करनी पैलेस रोड, पृथ्वीराज नगर, जयपुर के सामने अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा पुनः अवैध निर्माण की कार्यवाही की जा रही है,गौरतलब है कि पूर्व में भी दो बार इस प्लाट पर अवैध कब्जे का प्रयास किया गया था,जिसे जेडीए दस्ते ने जेसीबी की मदद से सामूहिक कार्यवाही कर,ध्वस्तकिया था| ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट संलग्न है,जिसमे जेडीए ने इस रास्ते को सरकारी माना है|
इस अवैध निर्माण की शिकायत पूर्व में भी श्रीमान जे.डी.सी. महोदय को दिनांक 28/07/2014 को तथा कार्यवाही नहीं होने पर पुन: दिनांक 08/08/2014 को की गयी,इससे पहले भी जे.डी..प्रवर्तन को इस बाबत विभिन्न माध्यमों से शिकायते की गयी थी|
उक्त रास्ते का उपयोग वर्षों से स्थानीय नागरिकों द्वारा किया जा रहा है परन्तु भू-माफिया अपने रसूखात के दम पर माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश की सरेआम धज्जियां उडाई जा रही है जिसमे पृथ्वीराज नगर में किसी भी प्रकार के निर्माण पर पाबंदी है|

संलग्न:- अवैध निर्माण की फोटो,पूर्व में जेडीए द्वारा की गयी कार्यवाही|



Monday, 24 April 2017

भूखंड संख्या एस-6,श्याम नगर अजमेर रोड,सोडाला विपुल मोटर्स के पास स्थित भू-खंड पर जेडीए ट्रिब्यूनल में गलत तथ्यों से हासिल स्टे की आड़ में अवैध निर्माण कर शराब की दूकान खोली|

अवैध निर्माणकर्ता द्वारा रातोरात भूखंड संख्या एस-6,श्याम नगर अजमेर रोड,सोडाला विपुल मोटर्स के पास स्थित भू-खंड पर जेडीए ट्रिब्यूनल में गलत तथ्यों से हासिल स्टे की आड़ में अवैध निर्माण कर शराब की दूकान खोलने का मामला प्रकाश में आया है|



जेडीए ट्रिब्यूनल द्वारा दिनांक 17.03.2015 को दिए गए निर्णय में भूखंड एस-6 मालिक को पाबन्द किया गया कि भवन विनियमों के विपरीत कोई नया निर्माण नहीं करें तथा जे.डी.ए. की अनुमति के बिना व्यवसायिक गतिविधि प्रारम्भ या संचालित नहीं करें|परन्तु भूखंड एस-6 मालिक द्वारा जे.डी.ए. आदेशों के विपरीत जाकर भूखंड के बाएं हिस्से में 14*36 की दूकान बना कर उसे मार्च 2016 को किराए पर दे दी,इस दूकान पर आबकारी  विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 को अंग्रेजी शराब की दूकान चलाने का लाईसेंस दिया गया|भूखंड संख्या एस-7 मालिक द्वारा अवैध निर्माण से त्रस्त होकर की गयी शिकायतों के फलस्वरूप जे.डी.ए. प्रवर्तन अधिकारी ज़ोन-5 द्वारा दिनांक 05/04/2017 को जे.डी.ए. अधिनियम 1982 की धारा 32 तथा 34(क) के अंतरगर्त अवैध निर्माण हटाने/भवन सील करने  तथा विशिस्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में अभियोजन प्रारम्भ करने का नोटिस जारी किया गया|जे.डी.ए. के इन नोटिसों के विरुद्ध भूखंड एस-6 मालिक जे.डी.ए. ट्रिब्यूनल में अपील प्रस्तुत की,जिसमे भूखंड एस-6 मालिक ने दावा किया कि वह इस भूखंड पर केवल विकास टिम्बर्स के नाम से गौदाम चलाता है और कोई दूसरी व्यवसायिक गतिविधियाँ संचालित नहीं करता है|

भूखंड एस-6 मालिक की इस अपील पर जे.डी.ए. ट्रिब्यूनल द्वारा दिनांक 12.04.2017 को निम्न निर्देश पारित किये:-
1)    भूखंड एस-6 मालिक आदेश दिनांक से 15 दिन के भीतर नोटिस अंतरगर्त 32 व 34(क) जे.डी.ए. अधिनियम के सम्बन्ध में अपना जवाब व सुसंगत दस्तावेज जे.डी.ए. के सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा|
2)    धारा 32 व 34(क) की विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने तक भूखंड एस-6 मालिक किसी प्रकार का कोई नवीन निर्माण कार्य नहीं करेगा और जे.डी.ए. द्वारा भी इस परिसर को किसी प्रकार से क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त नहीं किया जावेगा|
परन्तु भूखंड एस-6 मालिक द्वारा पुनः जे.डी.ए. ट्रिब्यूनल के आदेशों को दरकिनार करते हुए भूखंड के दायें हिस्से पर जे.डी.ए. ट्रिब्यूनल के दिनांक 12.04.2017 के आदेश के तीन दिन बाद ही दिनांक 15.04.2017 पर दूकान का निर्माण चालु कर दिया गया तथा अगले दिन ही निर्माणधीन दूकान पर शटर लगवा दिया गया,भूखंड एस-6 मालिक जे.डी.ए. ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ तुरत-फुरत से दूकान का निर्माण करवाकर आबकारी विभाग से शराब की दूकान की लोकेशन भी पास करवा दी|

इस पुरे प्रकरण की शिकायत जे.डी.ए. और आबकारी विभाग को दे दी गयी है|उम्मीद  है जल्दी इस मामले में नागरिक समाज को न्याय मिलेगा|